Tuesday, August 30, 2011

संसद भरो अभियान

टाइमस ऑफ़ इंडिया पर प्रकाशित एक टिपण्णी ने मुझे इतना प्रभावित किया की मैने सोचा की क्यों न में इसे अपने ब्लॉग पर डाल कर इसका प्रसार करूँ? टीम अन्ना, किरण बेदी और ओम पुरीजी ने कुछ भी गलत नहीं कहा अथवा किया  है। अब हमें दिखाना है की राष्ट्र जग गया है, इसके लिये हम सब आइये नेताओ को अनपढ़, गवार, नालायक , दोमुहे, चोर, देशद्रोही, गद्दार कहती हुई एक चिठ्ठी लोकसभा स्पीकर को भेजे(एक पोस्टकार्ड ). देखते हैं देश के करोडो लाखो लोगो को सांसद कैसे बुलाते है अपना पक्ष रखने के लिये। यदि इससे और कुछ नहीं हुआ तो भी बिना विसिटर पास के लोक तंत्र के मंदिर संसद को देखने और किरण बेदी के साथ खड़े होने का मौका मिलेगा। और संसद ने सजा भी दे दी तो भी एक उत्तम उद्देश्य के लिये ये जेल भरो होंगा।
में ये स्पष्ट कर दू की यह विचार मैने एक टिप्पणी से उठाये हैं पर में इससे १००% सहमत हूँ। कृपया इस विचार को अपने अपने ब्लॉग पर ड़ाल कर प्रसारित करे। आइये राष्ट्र निर्माण में हम अपनी भूमिका निभाये।
जय हिंद

Thursday, August 25, 2011

अन्ना (हजारे) टेल

जैसे हर ख़ूनी को बचाने के लिये एक रामजेठमलानी होता है
ऐसे मनमोहन को लोकसभा में बचाने के लिये एक आडवानी जरुरी होता है
JP, BJP, LJP बेईमानो के पीछे जयप्रकाश लगा देख के अफ़सोस होता हैं
पर हर एक पार्टी के लिये भ्रष्टाचार जरुरी होता है
और हर भ्रष्टाचारी को ईमानदारी से तोड़ने के लिये है अन्ना हजारे
अपनाइए अन्ना टेल बिना अपनी पार्टी बदले
ला ला ला ला ला ला